छत्तीसगढ़ के भाखा, लोकगीत अउ संस्कृति ला समर्पित डिजिटल मंच “रेडियो संगवारी” आज अपन सफल 3 बरिस पूरा कर लीस हे। ए खास अवसर म रेडियो संगवारी के टीम, महामहिम राज्यपाल महोदय संग लोकभवन म शिष्टाचार भेंट करके अपन काम, उपलब्धि अउ आगू के योजना के बारे म जानकारी दीस।
ए भेंट के दौरान संस्थापक राहुल शर्मा बताइन के “रेडियो संगवारी” के मुख्य उद्देश्य हवय छत्तीसगढ़ी भाखा, लोक परंपरा अउ लोकगीत ला डिजिटल माध्यम ले बचाय, संजोय अउ नई पीढ़ी तक पहुंचाय, संगही लोक कलाकार मन ला एक मजबूत मंच देय। बीते 3 बरिस म रेडियो संगवारी अलग-अलग सांस्कृतिक कार्यक्रम, जनसंवाद अउ नवाचार के माध्यम ले पूरा प्रदेश म अपन अलग पहचान बना लीस हे।
ए अवसर म टीम द्वारा छत्तीसगढ़ के पारंपरिक ढोकरा कला ले बनाय एक सुंदर प्रतीक चिन्ह महामहिम ला भेंट करे गीस। ए प्रतीक म जनजातीय नाचा-गाना, पारंपरिक वाद्य अउ सामूहिक जीवन के झलक दिखथे, जऊन हमर समृद्ध संस्कृति के चिन्हारी आय।
महामहिम राज्यपाल महोदय “रेडियो संगवारी” के ए पहल के सराहना करत कहिन के ए प्रयास छत्तीसगढ़ के संस्कृति ला बचाय अउ बढ़ाय बर बहुत सराहनीय कदम आय। ओमन टीम ला अपन शुभकामना अउ मार्गदर्शन घलो दीन।
आगू के योजना:
रेडियो संगवारी आगू चल के अपन डिजिटल दायरा ला अउ मजबूत करे के संग, जियादा से जियादा लोक कलाकार, युवा प्रतिभा अउ सांस्कृतिक गतिविधि मन ला जोड़े के योजना बना रहल हवय। संगही जनप्रतिनिधि, संस्था अउ समाज के अलग-अलग वर्ग के सहयोग ले ए मंच ला राज्य स्तर म एक मजबूत जनमाध्यम बनाय के लक्ष्य रखे गीस हवय।
रेडियो संगवारी टीम ए उपलब्धि बर अपन सबो साथी, कलाकार, श्रोता अउ शुभचिंतक मन ला श्रेय देथे, जऊन मन के भरोसा अउ सहयोग ले ए मंच आज इहां तक पहुंच पाय हे।
“हमर भाखा, हमर गीत — हमर पहचान”